Budget 2026-27: ₹41.3 लाख करोड़, टैक्स और मिडिल क्लास को क्या राहत?

Union Budget 2026-27 में ₹41.3 लाख करोड़ का बजट – मिडिल क्लास, टैक्स और छात्रों को क्या राहत मिली

दिनांक: 2 फरवरी 2026 | स्रोत: वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

 Budget 2026-27 पेश हो चुका है और सरकार ने ₹41.3 लाख करोड़ के इस बजट को “Viksit Bharat का रोडमैप” बताया है। लेकिन असली सवाल ये है कि इस बजट से मिडिल क्लास की जेब पर क्या असर पड़ेगा? छात्रों और युवाओं के लिए नौकरी के नए मौके बनेंगे या नहीं? और किसानों को इस बार सिर्फ घोषणाएं मिली हैं या असली राहत?

इस लेख में हम बजट की official language को side में रखकर, simple और साफ शब्दों में समझेंगे कि Budget 2026-27 में
👉 टैक्स में क्या बदला,
👉 कौन-सी चीज़ें सस्ती हुईं,
👉 छात्रों और युवाओं के लिए क्या नए रास्ते खुले,
👉 और ₹41.3 लाख करोड़ का ये पैसा आखिर कहाँ से आता है और कहाँ जाता है

इस रिपोर्ट में हम Budget 2026-27 की हर उस बारीकी को समझेंगे जो सीधे आपकी जेब, आपकी नौकरी, आपकी खेती और आपके बच्चों के भविष्य से जुड़ी है।

Table of Contents

1. Budget 2026-27 के 3 Kartavya

सरकार ने इस बजट को किसी चुनावी वादे पर नहीं, बल्कि तीन प्रमुख कर्तव्यों पर आधारित किया है। यह बजट की ‘आत्मा’ है:

  1. पहला कर्तव्य (तेज आर्थिक विकास): दुनिया भर में मंदी की आहट के बीच, भारत अपनी विकास दर (GDP Growth) को 7% से ऊपर बनाए रखने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इसके लिए उद्योगों की उत्पादकता बढ़ाई जाएगी।
  2. दूसरा कर्तव्य (जनता की आकांक्षाएं): यह बजट सिर्फ सरकार का नहीं, बल्कि ‘युवा शक्ति’ का बजट है। इसमें नागरिकों की क्षमताओं को बढ़ाने और उन्हें संसाधन देने पर जोर है।
  3. तीसरा कर्तव्य (सबका साथ, सबका विकास): विकास का लाभ सिर्फ दिल्ली-मुंबई तक न रहे, बल्कि गांव की पगडंडियों, दलितों, पिछड़ों और महिलाओं तक पहुँचे।

2. Budget 2026-27 के मुख्य आंकड़े

अक्सर हम लाखों-करोड़ों के आंकड़ों में उलझ जाते हैं। आइये इसे आसान भाषा में समझते हैं:

सरकार की कमाई और खर्च का हिसाब:

  • कुल बजट (Total Size): सरकार इस साल कुल ₹53.5 लाख करोड़ खर्च करेगी। यह पिछले साल से काफी ज्यादा है।
  • विकास पर खर्च (Capex): इसमें से ₹12.2 लाख करोड़ सिर्फ कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) के लिए है। इसका मतलब है कि यह पैसा सड़क, पुल, रेलवे और रक्षा जैसे ठोस काम पर लगेगा, जिससे रोजगार पैदा होगा।
  • राजस्व खर्च (Revenue Exp): लगभग ₹41.3 लाख करोड़ सरकारी वेतन, पेंशन और योजनाओं पर खर्च होगा।
  • टैक्स कलेक्शन: सरकार को उम्मीद है कि वह ₹28.7 लाख करोड़ टैक्स (इनकम टैक्स + GST) से कमाएगी।
  • राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): सरकार ने बहुत ही अनुशासित तरीके से घाटे को GDP का 4.3% रखने का लक्ष्य रखा है। इसका मतलब है कि सरकार अपनी चादर देखकर ही पैर पसार रही है।
Union Budget 2026-27 में सरकार की कमाई और खर्च का पूरा गणित – ₹100 बजट कहाँ से आता है और कहाँ खर्च होता है

किस मंत्रालय को कितना पैसा मिला? Budget 2026-27

सरकार ने सबसे ज्यादा पैसा देश के विकास (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और सुरक्षा पर लगाया है। यहाँ देखिये आपके टैक्स का पैसा कहाँ जा रहा है:

मंत्रालय/विभाग (Sector)आवंटन (₹ करोड़ में)
परिवहन (Transport)₹5,98,520 करोड़ (सबसे ज्यादा)
रक्षा (Defence)₹5,94,585 करोड़
ग्रामीण विकास (Rural)₹2,73,108 करोड़
गृह मंत्रालय (Police/Home)₹2,55,234 करोड़
कृषि (Agriculture)₹1,62,671 करोड़
शिक्षा (Education)₹1,39,289 करोड़
स्वास्थ्य (Health)₹1,04,599 करोड़
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सिर्फ बजट नहीं, ये स्कीम्स भी हैं आपके लिए!

2026 में सरकार मिडिल क्लास के लिए 5 नई धमाकेदार योजनाएं लाई है। क्या आपने अभी तक लिस्ट चेक की?

पूरी लिस्ट देखें ➜

3. Middle Class के लिए Budget 2026-27

भले ही इनकम टैक्स स्लैब में कोई शोर-शराबा नहीं हुआ, लेकिन वित्त मंत्री ने खामोशी से मिडिल क्लास को कई बड़े तोहफे दिए हैं:

(A) विदेश यात्रा और पढ़ाई पर राहत (TCS Reduced)

अगर आप अपने बच्चों को विदेश पढ़ाने का सपना देखते हैं या परिवार के साथ विदेश घूमने जाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए है।

  • पहले: विदेश पैसे भेजने पर (LRS स्कीम के तहत) 20% तक TCS (Tax Collected at Source) कटता था।
  • अब: इसे घटाकर मात्र 2% कर दिया गया है। यह मिडिल क्लास की जेब पर बहुत बड़ा मरहम है।

(B) एक्सीडेंट क्लेम पर टैक्स नहीं

सड़क हादसों में मिले मुआवजे पर टैक्स लेना अमानवीय लगता था। सरकार ने इसे समझा है।

  • फैसला: मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) से मिलने वाले मुआवजे पर जो ब्याज (Interest) मिलता है, उसे अब पूरी तरह टैक्स फ्री कर दिया गया है। साथ ही इस पर TDS भी नहीं कटेगा।

(C) अपनी गलती सुधारने का मौका (Updated Return)

अक्सर ITR भरते समय हमसे गलती हो जाती है।

  • नई सुविधा: अगर आपके ऊपर टैक्स चोरी या गलती की जांच (Reassessment) शुरू हो गई है, तब भी आप 10% अतिरिक्त टैक्स देकर अपनी रिटर्न सुधार सकेंगे (Updated Return)। इससे आप कोर्ट-कचहरी के चक्कर और भारी पेनल्टी से बच जाएंगे।

(D) विदेशी संपत्ति का खुलासा

छोटे करदाताओं के लिए जिनके पास विदेश में कोई छोटी-मोटी संपत्ति (Foreign Asset) है और वे बताना भूल गए थे, उनके लिए 6 महीने की एकमुश्त स्कीम (Disclosure Scheme) लाई जाएगी ताकि वे बेफिक्र हो सकें।

4. Budget 2026-27 Youth & Jobs: Skill पर फोकस

Budget 2026-27 में छात्रों, युवाओं और मिडिल क्लास के लिए नई योजनाएं – नौकरी, स्किल और एजुकेशन पर फोकस

यह बजट युवाओं को ‘नौकरी मांगने वाला’ नहीं, ‘नौकरी के लायक’ बनाने पर केंद्रित है।

(A) गेमिंग और एनीमेशन (AVGC Sector)

सरकार ने मान लिया है कि मोबाइल गेम खेलना और वीडियो बनाना अब सिर्फ टाइमपास नहीं, करियर है।

  • बड़ा ऐलान: देश के 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में ‘AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स’ खोली जाएंगी। यहाँ एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स और गेमिंग सिखाई जाएगी।

(B) केयरगिवर्स (Caregivers) – विदेश जाने का मौका

दुनिया के कई देशों में बुजुर्गों की आबादी बढ़ रही है और उन्हें देखभाल करने वालों की जरूरत है।

  • योजना: सरकार 1.5 लाख युवाओं को ‘मल्टी-स्किल केयरगिवर्स’ (देखभाल करने वाले) की ट्रेनिंग देगी। यह ट्रेनिंग विदेशी मानकों (International Standards) पर होगी ताकि भारतीय युवाओं को विदेश में आसानी से नौकरी मिल सके।

(C) Budget 2026-27: शिक्षा से रोजगार तक

डिग्री लेने के बाद भी नौकरी क्यों नहीं मिलती? इस समस्या को खत्म करने के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाई जाएगी जो यह तय करेगी कि कॉलेजों में वही पढ़ाया जाए जिसकी बाजार में मांग है।

  • नया संस्थान: पूर्वी भारत (East India) में एक नया National Institute of Design (NID) खोला जाएगा।
  • हॉस्टल: विज्ञान और तकनीक (STEM) की पढ़ाई करने वाली लड़कियों के लिए हर जिले में हॉस्टल बनाए जाएंगे।

5. Farmers Budget 2026-27: खेती में नया फोकस

सरकार ने कृषि बजट में ₹1.62 लाख करोड़ आवंटित किए हैं। लेकिन इस बार फोकस गेहूं-चावल से हटकर ज्यादा कमाई वाली फसलों पर है।

(A) ‘भारत-विस्तार’ और ड्राई फ्रूट्स

कश्मीर के अखरोट और बादाम दुनिया भर में मशहूर हैं।

  • Budget 2026-27: अब हिमाचल, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के पहाड़ी राज्यों में भी अखरोट, बादाम और पाइन नट्स (चिलगोज़ा) की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। पुराने बागानों को नया करने के लिए सब्सिडी मिलेगी।

(B) Budget 2026-27: मछली पालन (Blue Revolution)

  • डीजल पर छूट: मछुआरों की नावों में लगने वाले डीजल और मछली के चारे (Fish Feed) पर टैक्स छूट दी गई है।
  • अमृत सरोवर: देश के 500 बड़े जलाशयों और तालाबों को मछली पालन के हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • इंपोर्ट ड्यूटी: भारतीय जहाजों द्वारा गहरे समुद्र से पकड़ी गई मछली पर अब कोई इंपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी।

(C)Union Budget 2026-27: डिजिटल किसान (AgriStack)

किसानों को खाद, बीज और मौसम की सही जानकारी देने के लिए ‘AgriStack’ पोर्टल को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़ा जाएगा। अब किसान का मोबाइल ही उसका सबसे बड़ा हथियार होगा।

6. Budget 2026-27: Industry & Make in India Push

सरकार चाहती है कि सुई से लेकर हवाई जहाज तक सब भारत में बने।

(A) सेमीकंडक्टर मिशन 2.0

चिप (Chip) बनाने की क्रांति के बाद अब सरकार ‘India Semiconductor Mission 2.0’ ला रही है। इससे मोबाइल, लैपटॉप और गाड़ियों के पार्ट्स और सस्ते होंगे।

(B) बायोफार्मा शक्ति (Biopharma SHAKTI)

कोरोना के बाद भारत दुनिया की फार्मेसी बन गया है। अब ‘बायोफार्मा शक्ति’ मिशन के तहत नई दवाओं और टीकों (Vaccines) की रिसर्च पर पैसा खर्च किया जाएगा।

(C) केमिकल्स और टेक्सटाइल

  • केमिकल पार्क: देश में 3 नए समर्पित केमिकल पार्क्स (Chemical Parks) बनाए जाएंगे।
  • कपड़ा उद्योग: टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए एक इंटीग्रेटेड प्रोग्राम लाया जाएगा ताकि भारतीय कपड़ा दुनिया भर में एक्सपोर्ट हो सके।

(D) खेल का सामान (Sports Goods)

अभी हम क्रिकेट बैट या फुटबॉल बाहर से मंगाते हैं। सरकार ने ‘किफायती खेल का सामान’ बनाने के लिए एक विशेष पहल शुरू की है। अब ‘मेड इन इंडिया’ बैट से छक्के लगेंगे।

(E) IT सेक्टर और सर्विस इंडस्ट्री के लिए बड़ी राहत

भारत की शान यानी IT सेक्टर के लिए सरकार ने नियमों को बहुत आसान कर दिया है।

  • सेफ हार्बर लिमिट बढ़ी: IT सेवाओं के लिए ‘सेफ हार्बर’ (Safe Harbour) की सीमा को ₹200 करोड़ से बढ़ाकर ₹2,000 करोड़ कर दिया गया है ।
  • फायदा: इसका मतलब है कि IT कंपनियों को अब टैक्स अधिकारियों की बेवजह की जांच-पड़ताल और ट्रांसफर प्राइसिंग (Transfer Pricing) के विवादों से नहीं जूझना पड़ेगा। इससे विदेशी कंपनियां भारत में और ज्यादा काम देंगी और रोजगार बढ़ेगा।

7. Infrastructure Boost in Budget 2026-27

परिवहन मंत्रालय को ₹5.98 लाख करोड़ का सबसे बड़ा बजट मिला है।

(A) हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (Bullet Train Routes)

सिर्फ एक नहीं, सरकार ने 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर काम तेज करने का संकेत दिया है। ये रूट होंगे:

  1. मुंबई – पुणे
  2. पुणे – हैदराबाद
  3. हैदराबाद – बेंगलुरु
  4. हैदराबाद – चेन्नई
  5. चेन्नई – बेंगलुरु
  6. दिल्ली – वाराणसी
  7. वाराणसी – सिलीगुड़ी

(B) जलमार्ग और सीप्लेन (Waterways)

  • नदी से व्यापार: खनिजों और सामान की ढुलाई के लिए 20 नए नेशनल वाटरवेज़ चालू किए जाएंगे।
  • सीप्लेन (Seaplane): पानी पर उतरने वाले हवाई जहाजों (Seaplanes) को बढ़ावा देने के लिए VGF स्कीम लाई गई है। जल्द ही आप नदी से उड़ान भर सकेंगे।

(C) फ्रेट कॉरिडोर

मालगाड़ियों के लिए दानकुनी (पश्चिम बंगाल) से सूरत (गुजरात) तक एक नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाया जाएगा। इससे सामान जल्दी पहुँचेगा और लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी।

8. क्या हुआ सस्ता, क्या महंगा? (Customs Duty Analysis)

Union Budget 2026-27: महंगाई को काबू करने के लिए कस्टम ड्यूटी (सीमा शुल्क) में बड़े बदलाव किए गए हैं।

🟢 ये हुआ सस्ता (Cheaper):

  1. कैंसर की दवाएं: 17 जीवन रक्षक कैंसर दवाओं पर टैक्स जीरो कर दिया गया है।
  2. मोबाइल और चार्जर: मोबाइल चार्जर के पार्ट्स (PCBA) पर ड्यूटी 15% से घटाकर 10% कर दी गई है।
  3. सोलर पैनल: सोलर ग्लास बनाने वाले सामान (Sodium Antimonate) पर ड्यूटी माफ़।
  4. इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ: EV की बैटरी बनाने वाली मशीनों पर छूट।
  5. चमड़े के जूते: जूते के ऊपरी हिस्से (Shoe Uppers) और लेदर पर ड्यूटी घटाई गई है।
  6. माइक्रोवेव ओवन: इसके पार्ट्स सस्ते हुए हैं।

🔴 Union Budget 2026-27: ये हो सकता है महंगा

  1. सरकार ने पीवीसी फ्लेक्स बैनर (PVC Flex Banners) पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई है ताकि पर्यावरण को बचाया जा सके।
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9. छोटे व्यापारी (MSME) और फाइनेंस

छोटे व्यापारियों की रीढ़ को मजबूत करने के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है।

  • ₹10,000 करोड़ का फंड: छोटे उद्योगों (SME) की मदद के लिए एक नया ‘SME ग्रोथ फंड’ बनाया गया है।
  • कॉर्पोरेट मित्र: छोटे शहरों (Tier-2 और Tier-3) में व्यापारियों को CA और कानूनी मदद देने के लिए ‘कॉर्पोरेट मित्र’ बनाए जाएंगे।
  • गारंटी फ्री लोन: बिना गारंटी के लोन देने वाली स्कीम (CGTMSE) का दायरा बढ़ाया गया है।
  • समय पर भुगतान: सरकारी कंपनियों को अब TReDS प्लेटफॉर्म के जरिए छोटे व्यापारियों का पेमेंट समय पर करना होगा।

10. Tourism & Environment Push

  • ग्लोबल बिग कैट समिट: भारत दुनिया में शेरों और बाघों का घर है। भारत पहली बार ‘Global Big Cat Summit’ की मेजबानी करेगा।
  • बौद्ध सर्किट: पूर्वोत्तर भारत (North East) में बौद्ध धर्म से जुड़े स्थलों को जोड़कर एक नया टूरिस्ट सर्किट बनाया जाएगा।
  • गाइड्स की ट्रेनिंग: 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 टूरिस्ट गाइड्स को विदेशी भाषाओं और हॉस्पिटैलिटी की ट्रेनिंग दी जाएगी।

11. राज्यों के लिए खजाना

केंद्र सरकार ने राज्यों को भी दिल खोलकर पैसा दिया है।

  • 50 साल का लोन: राज्यों को विकास कार्यों के लिए 50 साल का बिना ब्याज का लोन देने की योजना जारी रहेगी।
  • ₹1.4 लाख करोड़: वित्त आयोग (Finance Commission) के तहत राज्यों को ₹1.4 लाख करोड़ का अनुदान मिलेगा।

FAQ: बजट 2026-27 से जुड़े आपके सवाल

Q1: क्या इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव हुआ है

नहीं, इनकम टैक्स स्लैब वही पुराने हैं। लेकिन टैक्स रिटर्न अपडेट करने और विदेश पैसे भेजने (TCS) में बड़ी राहत दी गई है।

Q2: क्या पेट्रोल-डीजल सस्ता हुआ?

बजट में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन बायोगैस ब्लेंडेड CNG को सस्ता किया गया है।

Q3: छात्रों के लिए इसमें क्या खास है

छात्रों के लिए AVGC (गेमिंग) लैब्स, NID, और STEM में लड़कियों के लिए हॉस्टल जैसी योजनाएं हैं। विदेश पढ़ने जाने वालों के लिए TCS कम हुआ है।

Q4: क्या इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ सस्ती होंगी?

हाँ, EV बैटरी बनाने वाली मशीनों पर ड्यूटी कम होने से इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ सस्ती हो सकती हैं।

🔗 महत्वपूर्ण आधिकारिक लिंक्स (Important Official Links)

*ये सभी लिंक्स सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर खुलेंगे।

निष्कर्ष (Conclusion)

Union Budget 2026-27 को अगर एक लाइन में परिभाषित करें तो यह—“भविष्य का भारत” बनाने वाला बजट है।

सरकार ने ₹53.5 लाख करोड़ के खर्च के साथ यह साफ कर दिया है कि उसका फोकस ‘मुफ्त की रेवड़ी’ पर नहीं, बल्कि सड़क, रेल, फैक्ट्री और स्किल पर है। मिडिल क्लास को TCS और टैक्स सुधारों से राहत मिली है, तो किसानों को नई फसलों की तरफ मोड़ा गया है।

निश्चित रूप से, महंगाई और बेरोजगारी जैसी चुनौतियां अभी भी हैं, लेकिन यह बजट सही दिशा में उठाया गया एक मजबूत कदम है।

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